"Seek Knowledge From Cradle To Grave"

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Online Lecture on Childrens Work and Child Labour During Pandemic Time

हमीदिया गर्ल्स डिग्री कॉलेज, कांस्टीट्यूएंट माइनॉरिटी पीजी कॉलेज, यूनिवर्सिटी ऑफ इलाहाबाद प्रयागराज के समाजशास्त्र विभाग में आज दिनांक 12.04.2022 को ऑनलाइन लेक्चर विषय "Children's Work and Child Labour During Pandemic Time" आयोजित किया गया। वक्ता प्रोफेसर विनोद चंद्रा, एसोसिएट प्रोफेसर समाजशास्त्र विभाग,जे.एन.पी.जी कॉलेज,लखनऊ ने अपने व्याख्यान में कार्य, श्रम और बाल श्रम को बताते हुए कोविड 19 महामारी के दौर मे बाल श्रम की स्थिति का विस्तार पूर्वक चर्चा किया ।उन्होंने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि पिछले दो सालों में बाल श्रम और बाल दुर्व्यवहार बढ़ा है। बच्चों के घरों से भागने और गुमशुदा होने के केस बड़े हैं। गुमशुदा बच्चों के केस में 71% बालिकाएं और 29 % बालक है । आर्थिक तंगी के कारण बच्चे काम करने लगते हैं ।बच्चों के संरक्षण का माहौल नहीं है उत्पीड़न हो रहा है। आर्थिक ही नहीं सामाजिक और मनोवैज्ञानिक शोषण के साथ ही उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रही है। बाल श्रम के कारणों में गरीबी, आर्थिक दशा का कमजोर होना, शिक्षा की अनभिज्ञता, भेदभाव और साथ ही समाज के एक हिस्से की मानसिकता को बताया है। उन्होंने अपने व्याख्यान में आईएलओ, वर्ल्ड बैंक, यूनाइटेड नेशन, भारत के तमाम राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों के अध्ययन के आंकड़ों द्वारा चाइल्ड लेबर की स्थिति को दर्शाया है। उन्होंने कहा श्रम अच्छी चीज है ,लेकिन वह बालकों के विकास के लिए होना चाहिए । श्रम को उत्पीड़न का जरिया बनने नहीं देना चाहिए ।श्रम का सम्मान होना चाहिए ,उन्होंने कहा कि बाल श्रम की दशा को रोकना होगा। समाज में जागरूकता बढ़ाना होगा। केवल सरकार के प्रयास से ही यह समस्या दूर नहीं होगी बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है कि वह उन परिवारों में जागरूकता फैलाए जहां बच्चे को काम करने के लिए आगे बढ़ाया जाता है। कॉलेज के प्राचार्या डॉ यूसुफा नफीस ने कार्यक्रम की सफलता के लिए आशीष दिया मुख्य वक्ता का स्वागत एवं कार्यक्रम का संचालन समाजशास्त्र विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ इरम फरीद उस्मानी ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापित असिस्टेंट प्रोफेसर श्रीमती शर्मीन फात्मा ने किया। इस अवसर पर समाजशास्त्र विभाग की गेस्ट फैकल्टी कु. गुलअफ्शां एवं समाजशास्त्र विभाग के लगभग 50 से अधिक छात्राएं उपस्थित रहीं।